सूरत : इस बायोडायवर्सिटी पार्क में 13 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा. साथ ही 9 किलोमीटर का वॉकिंग ट्रैक का निर्माण भी किया जाएगा. इस बायोडायवर्सिटी पार्क में छह लाख पौधे लगाए जाएंगे.
सूरत जैव विविधता पार्क: गुजरात (Gujarat) के सुरत (Surat) में एशिया के सबसे बड़े बायोडायवर्सिटी पार्क (Biodiversity Park) का निर्माण हो रहा है. ये बायोडायवर्सिटी पार्क अलथान में कांकरा नदी के किनारे 87 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जा रहा है. जिस जमीन पर इस बायोडायवर्सिटी पार्क में इस जमीन को बनाया जा रहा है, वो कभी बंजर थी. लेकिन अब यहां इस विशाल बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है.
बायोडायवर्सिटी पार्क में बनेगा 13 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक
इस बायोडायवर्सिटी पार्क में 13 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा. साथ ही 9 किलोमीटर का वॉकिंग ट्रैक का निर्माण भी किया जाएगा. इस बायोडायवर्सिटी पार्क में विभिन्न प्रजातियों के छह लाख पौधे लगाए जाएंगे. तितली आवास, पक्षी आवास क्षेत्र,औसधीय पौधे, घास के मैदान, सांस्सकृतिक वन नर्सरी, व्याख्या केंद्र, छठ पूजा बावड़ी, ग्रीन वॉलपार्क और तलाब इस बायोडायवर्सिटी पार्क सबसे बड़े आकर्षण होंगे. यह बायोडायवर्सिटी पार्क 3.5 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में कांकरा खाड़ी के दोनों किनारों पर तैयार किया जा रहा है.
किसे कहते हैं बायोडायवर्सिटी पार्क
बता दें बायोडायवर्सिटी पार्क को जैव विवधता पार्क कहा जाता है. यहां पर अलग- अलग जैविक प्रजातियां पाई जाती हैं. बायोडायवर्सिटी पार्क में इन अलग-अलग जैविक प्रजातियों को संरक्षित किया जाता है. इस सभी जैविक प्रजातियों को एक खास वातावरण में रखा जाता है. जो अध्ययन और शोध के लिए उपयुक्त हो. बायोडायवर्सिटी पार्क को अध्ययन और शोध के अलावा पर्यटन के लीहाज से भी बनाया और संरक्षित किया जाता है. बायोडायवर्सिटी पार्क बहुत बड़े क्षेत्र में फैला होता है. बहुत बड़े क्षेत्र में फैले होने के कारण ये पार्क पर्यटन के लीहाज से भी उपयोगी होता है. बायोडायवर्सिटी पार्क में पर्यटक भी घूम सकते है. अक्सर ऐसे पार्कों में पर्यटकों की भारी भीड़ घूमने के लिए पहुंचती है.